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सिर में अंदरूनी चोट लगने के होते हैं ये 6 कारण, जानें लकà¥à¤·à¤£, खतरे और इलाज
बहà¥à¤¤ से कारणों से सिर पर चोट लग सकती है जो गंà¤à¥€à¤° रूप ले सकती है। जानिठसिर में अंदरूनी चोट से कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ खतरें हैं।
पैर फिसलने, à¤à¤•à¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट या किसी सॉलि़ड ऑबà¥à¤œà¥‡à¤•à¥à¤Ÿ से सिर की टकà¥à¤•र आदि à¤à¤¸à¥‡ बहà¥à¤¤ से कारण है जिससे सिर में चोट लग सकती है। जरूरी नहीं सिर की चोट में बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग ही हो। बहà¥à¤¤ सी बार सिरà¥à¤« दरà¥à¤¦ महसूस होता है। जब तक चोट वाले हिसà¥à¤¸à¥‡ से बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग नहीं होती हम लोग उसे गंà¤à¥€à¤° नहीं मानते।शायद ये à¤à¥€ à¤à¤• वजह है कि अकà¥à¤¸à¤° सिर में लगी चोट को इगà¥à¤¨à¥‹à¤° कर दिया जाता है। आरà¥à¤Ÿà¤®à¤¿à¤¸ हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤², नà¥à¤¯à¥‚रोइंटरवेंशन अगà¥à¤°à¤¿à¤® इंसà¥à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट फॉर नà¥à¤¯à¥‚रोसाइंसेज डायरेकà¥à¤Ÿà¤°,डॉकà¥à¤Ÿà¤° विपà¥à¤² गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• सिर में चोट अलग-अलग तरह की होती है। कई बार यह चोट à¤à¤• छोटे से बंप तो कई बार बड़े बड़े फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° के रूप में सिर में देखने को मिल सकती है। काफी बार तो यह चोट इतनी खतरनाक होती हैं कि बà¥à¤°à¥‡à¤¨ डेमेज तक à¤à¥€ हो सकता है। यहां तक कि यह चोट मृतà¥à¤¯à¥ का कारण à¤à¥€ बन सकती है। इसलिठसिर की चोट के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का पता होना चाहिà¤, जिससे इनकी पहचान करने पर जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ अधिक गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ से बचा जा सके और इलाज शà¥à¤°à¥‚ करवाया जा सके। तो आइठजानते हैं सिर में अंदरूनी चोट के कà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ लकà¥à¤·à¤£ होते हैं। इनके खतरे और इलाज के बारे में à¤à¥€ जानें।
सिर की अंदरूनी चोट के पà¥à¤°à¤•ार
1. टà¥à¤°à¤¾à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• बà¥à¤°à¥‡à¤¨ इंजरी
यह चोट तब सामने आती है जब बà¥à¤°à¥‡à¤¨ डेमेज होने लगता है। à¤à¤¸à¤¾ आमतौर पर किसी à¤à¤•à¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट के कारण होता है। अगर सिर पर कोई चीज जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जोर से लग जाठतो à¤à¥€ यह दिकà¥à¤•त देखने को मिलती है। अगर सिर में दिमागी à¤à¤¾à¤— पर चोट लगे तो यह और अधिक खतरनाक बन सकती है। इसके कà¥à¤› उदाहरणों में सिर पर बॉल लगना, सिर के बल बहà¥à¤¤ ऊंचाई से गिरना।
2. हेमाटोमा है घातक
हेमाटोमा में बà¥à¤²à¤¡ कà¥à¤²à¥‹à¤Ÿ बà¥à¤²à¤¡ वेसलà¥à¤¸ के बाहर बनते हैं। बà¥à¤°à¥‡à¤¨ में होने पर यह बीमारी काफी गंà¤à¥€à¤° हो सकती है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में बà¥à¤°à¥‡à¤¨ डैमेज à¤à¥€ हो सकता है।
3. डिफà¥à¤¯à¥‚ज à¤à¤—à¥à¤œà¥‰à¤¨à¤² इंजरी
डिफà¥à¤¯à¥‚ज à¤à¤—à¥à¤œà¥‰à¤¨à¤² इंजूरी सिर के चोट की à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° कंडीशन है। बहà¥à¤¤ सी बार सिर में चोट लगने पर खून नहीं निकलता लेकिन कà¥à¤› टिशूज डैमेज हो जाते हैं।Â
4. बà¥à¤°à¥‡à¤¨ हैमरेज की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿
यह à¤à¤• अनकंटà¥à¤°à¥‹à¤²à¥à¤¡ बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है। जिसमें बà¥à¤°à¥‡à¤¨ या उसके आसपास अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग रोगी के लिठघातक साबित हो सकती है और उसकी मृतà¥à¤¯à¥ à¤à¥€ हो सकती है।
5. सà¥à¤•ल फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° की अवसà¥à¤¥à¤¾
जब सिर में किसी à¤à¥€ कारण वरà¥à¤· चोट लगने से उस जगह की बोन फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° हो जाती है जिसे सरà¥à¤•ल फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° à¤à¥€ कहा जाता है तो इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को नजरअंदाज करना गंà¤à¥€à¤° हो सकता है। खासकर तब जब नाक से खून आ रहा हो, सिर के आसपास की तà¥à¤µà¤šà¤¾ लाल या सूजन हो।
6. à¤à¤¡à¥‡à¤®à¤¾
सिर की चोट या बà¥à¤°à¥‡à¤¨ इंजरी से à¤à¤¡à¤¿à¤®à¤¾ हो सकता है। जब किसी चोट के कारण उस जगह पर या उसके आसपास के टिशूज में सूजन होती हैं तो उस कंडीशन को à¤à¤¡à¥‡à¤®à¤¾ कहा जाता है। जब à¤à¤¸à¤¾ बà¥à¤°à¥‡à¤¨ में होता है तो यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ गंà¤à¥€à¤° हो जाती है। सिर की चोट के निमà¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं।
हलà¥à¤•ी चोट के लकà¥à¤·à¤£
बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होना
बà¥à¤°à¥‚जिंग
हलà¥à¤•ा हलà¥à¤•ा सिर दरà¥à¤¦
बà¥à¤–ार महसूस होना
थोड़े बहà¥à¤¤ चकà¥à¤•र आना
थोड़ी तेज चोट के लकà¥à¤·à¤£
दà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ में पड़ना या डिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ होना
उलà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ आना
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय तक सिर में दरà¥à¤¦ रहना।
वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में कà¥à¤› समय के लिठबदलाव देखने को मिलना।
असंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ होना।
अधिक तेज चोट के लकà¥à¤·à¤£
काफी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होना।
बेहोश हो जाना और काफी समय तक होश में न आना।
सीजर
टेसà¥à¤Ÿ, सà¥à¤®à¥‡à¤² और देखने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ आना।
जागते रहने में समसà¥à¤¯à¤¾ आना।
कानों या नाक से खून बहना।
कान के पीछे बà¥à¤°à¥‚ज
सà¥à¤¨à¥à¤¨ होना या कमजोरी आना
डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब जाना चाहिà¤?
अगर मॉडरेट या गंà¤à¥€à¤° लकà¥à¤·à¤£ दिख रहे हैं तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाà¤à¤‚। अगर हलà¥à¤•ी चोट लगी है और उसके लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ दो हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहते हैं तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जा कर जरूर सà¥à¤à¤¾à¤µ लें। कंकà¥à¤¯à¥‚शन के लकà¥à¤·à¤£ हमेशा तà¥à¤°à¤‚त नहीं दिखाई देते हैं। कई बार चोट लगने के हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ बाद यह लकà¥à¤·à¤£ दिखते हैं। सिर की चोट को नजरंदाज करने की बजाठतà¥à¤°à¤‚त पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¶à¤¨à¤² की सलाह जरूर लें।
कà¥à¤¯à¤¾ है इलाज
अगर हलà¥à¤•ी फà¥à¤²à¥à¤•ी चोट है तो उसे घर पर à¤à¥€ ठीक किया जा सकता है।Â
अगर सूजन आ गई है तो ठंडे पानी में कपड़ा à¤à¤¿à¤—ो कर या बरà¥à¤« से सिकाई करने पर सूजन कम हो सकती है।
नॉन सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤¯à¤¡à¤² à¤à¤‚टी इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ डà¥à¤°à¤—à¥à¤¸ का सेवन करने से बचना चाहिà¤à¥¤Â
इबॠपà¥à¤°à¥‹à¤«à¤¨ और असà¥à¤ªà¥€à¤°à¤¿à¤¨ जैसी दवाइयों का सेवन केवल तब ही करना चाहिठजब डॉकà¥à¤Ÿà¤° सà¥à¤à¤¾à¤à¤‚।
पहले 24 घंटों में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के पास कोई अनà¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ à¤à¥€ होना चाहिठजो नियमित रूप से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ चेक करता रहे।Â
अगर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ बेहोश हो जाता है या दà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ में लगता है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास फोन करना काफी जरà¥à¤°à¥€ है।Â
सिर में चोट लगने के दौरान डà¥à¤°à¤—à¥à¤¸ या अलà¥à¤•ोहल का सेवन करना, डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µ करना या कोई मानसिक कामÂ
कà¥à¤› समय के लिठन करें। अगर हो सके तो कà¥à¤› समय के लिठकाम से छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ ले लें ताकि पूरी तरह से रिकवर हो सकें।
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